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सुलतानपुर में मिशन शक्ति फेज-5.0 का व्यापक अभियान, महिला सुरक्षा के साथ सशक्तिकरण योजनाओं की दी जानकारी

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स्कूल-कॉलेजों से गांवों तक पहुंचीं मिशन शक्ति और एंटी रोमियो टीमें, हेल्पलाइन नंबरों के साथ साइबर सुरक्षा के प्रति किया जागरूक

कन्या सुमंगला, सामूहिक विवाह, उज्ज्वला और स्वयं सहायता समूहों समेत कई योजनाओं का बताया लाभ

सुशील चंद्र मिश्र

सुलतानपुर। उत्तर प्रदेश शासन के मिशन शक्ति फेज-5.0 (द्वितीय चरण) के तहत रविवार को सुलतानपुर पुलिस ने महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन और सशक्तिकरण को लेकर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल के निर्देशन में जिले के सभी थाना क्षेत्रों में मिशन शक्ति टीमों, एंटी रोमियो टीमों और महिला बीट पुलिस अधिकारियों ने विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर महिलाओं, छात्राओं और आमजन से संवाद किया।

पुलिस टीमों ने विद्यालयों, महाविद्यालयों, कोचिंग संस्थानों, बाजारों, सार्वजनिक स्थलों, बस स्टैंडों और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। इस दौरान महिला सुरक्षा के साथ साइबर अपराध और यातायात नियमों के प्रति भी लोगों को सतर्क किया गया।


हेल्पलाइन नंबरों की दी जानकारी

जागरूकता कार्यक्रमों में महिलाओं और बालिकाओं को आपात स्थिति में मदद के लिए अलग-अलग हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई। पुलिस ने बताया कि किसी भी आपात स्थिति में 112, महिला संबंधी सहायता के लिए 1090, चाइल्ड हेल्पलाइन के लिए 1098, महिला हेल्पलाइन के लिए 181, एंबुलेंस सेवा के लिए 108 और साइबर अपराध की शिकायत के लिए 1930 पर संपर्क किया जा सकता है।

महिलाओं को छेड़छाड़, उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, साइबर अपराध या अन्य किसी अपराध की स्थिति में चुप नहीं रहने और निर्भीक होकर पुलिस तथा संबंधित हेल्पलाइन की सहायता लेने के लिए प्रेरित किया गया।

सरकारी योजनाओं से आत्मनिर्भर बनने का संदेश

मिशन शक्ति अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने महिलाओं को सुरक्षा के साथ सरकार की महिला कल्याण और सशक्तिकरण योजनाओं की भी जानकारी दी। इनमें मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी योजनाएं शामिल रहीं।

महिलाओं को कौशल विकास, स्वरोजगार, शिक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता के महत्व के बारे में बताया गया। पात्र महिलाओं को संबंधित विभागों के माध्यम से योजनाओं का लाभ लेने और स्वयं सहायता समूहों व रोजगारपरक योजनाओं से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

ग्राम चौपाल में अधिकारों और कानून की जानकारी

ग्रामीण क्षेत्रों में महिला बीट पुलिस अधिकारियों और मिशन शक्ति टीमों ने ग्राम चौपाल, महिला संवाद और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। इसमें महिलाओं और बालिकाओं को उनके कानूनी एवं संवैधानिक अधिकारों के बारे में बताया गया।

पुलिस ने घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, बाल विवाह, बाल श्रम और महिला उत्पीड़न से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए महिलाओं को अपनी समस्याएं पुलिस और संबंधित विभागों तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही आसपास की अन्य महिलाओं को भी जागरूक करने की अपील की गई।

साइबर ठगी से बचने के बताए तरीके

अभियान के दौरान साइबर सुरक्षा को लेकर भी विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। पुलिस ने लोगों को फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक, फर्जी वेबसाइट या ऐप, ओटीपी, एटीएम/डेबिट कार्ड, बैंक खाते और पासवर्ड से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करने की सलाह दी।

पुलिस टीमों ने बताया कि साइबर अपराध होने पर बिना देरी किए 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। समय पर शिकायत करने से ठगी गई रकम को सुरक्षित कराने की संभावना बढ़ सकती है।

एंटी रोमियो टीमों ने सार्वजनिक स्थलों पर किया संवाद

एंटी रोमियो टीमों ने स्कूल-कॉलेज, कोचिंग संस्थानों, बाजारों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर लगातार भ्रमण कर महिलाओं और बालिकाओं से संवाद किया। छात्राओं को आत्मरक्षा, व्यक्तिगत सुरक्षा और सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल के प्रति जागरूक किया गया।

पुलिस ने महिलाओं और बालिकाओं से किसी भी संदिग्ध या असामाजिक गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देने की अपील की। अभियान के माध्यम से पुलिस ने महिला सुरक्षा के साथ उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक और आत्मनिर्भर बनने का संदेश दिया।

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